दिल्ली में दबिश, नहीं मिले आरसीएम के डायरेक्टर
आरसीएम के 20 डिस्ट्रीब्यूटर भी भूमिगत
भीलवाड़ा. मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी आरसीएम के फरार डायरेक्टरों की तलाश में भीलवाड़ा पुलिस ने दिल्ली में कई स्थानों पर दबिश दी, लेकिन वे हाथ नहीं लग पाए। इस कंपनी से जुड़े 20 डिस्ट्रीब्यूटर भी घरों पर ताला लगाकर भूमिगत हो गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, चेन सिस्टम से आमजन से ठगी की सूचना पर पुलिस ने नौ दिसंबर को आरसीएम पर छापा मारा था। इससे पहले ही कार्रवाई की भनक लगने पर आरसीएम के डायरेक्टर त्रिलोकचंद छाबड़ा, उसका बेटा सौरभ छाबड़ा, बेटी प्रियंका छाबड़ा, भाई भागचंद छाबड़ा व कैलाशचंद्र छाबड़ा शास्त्रीनगर स्थित मकान पर ताला लगाकर भाग छूटे।
इनके दिल्ली में होने की सूचना पर हमीरगढ़ थाना प्रभारी हेमराज चौधरी के नेतृत्व में पुलिस दल दिल्ली भेजा गया। पुलिस ने वहां संभावित स्थानों पर दबिश दी, लेकिन इनमें से कोई भी पुलिस के हाथ नहीं लग पाया। उधर, आरसीएम के स्थानीय 20 डिस्ट्रीब्यूटर भी गिरफ्तारी से बचने के लिए घरों से फरार हैं। पुलिस इनके घरों पर लगातार दबिश दे रही है, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही है। ये, डिस्ट्रीब्यूटर आरसीएम से प्रतिमाह एक लाख रुपए या उससे अधिक कमीशन प्राप्त कर रहे थे।
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^^^^आरसीएम के खिलाफ जांच शुरू^^^^
पूरे देशभर में आरसीएम कंपनी का कारोबार बंद होने के बाद कांकेर में भी पुलिस ने कंपनी के स्थानीय कर्ताधर्ताओं से पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने आरसीएम बाजार संचालक बिदेश साहू को आज पूछताछ के लिए थाना बुलाया।
पूछताछ के दौरान साहू ने बताया कि स्थानीय कंपनी का रजिस्ट्रेशन है या नहीं इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय स्तर पर वे जो कारोबार करते थे उसके लिए भी उन्होंने स्वयं के पास टिन नंबर आदि होने से इंकार किया है।
फिलहाल पुलिस ने साहू को कांकेर से बाहर नहीं जाने तथा कंपनी से संबंधित समस्त दस्तावेजों कर एक प्रति पुलिस थाने में जमा कराने के लिए कहा है। पूछताछ के दौरान बिदेश साहू ने बताया कि कंपनी का मुख्यालय राजस्थान के भीलवाड़ा में है तथा कंपनी का पूरा कारोबार वहीं से संचालित होता था।
कंपनी के संस्थापक फरार बताए जा रहे है। कांकेर में आरसीएम बाजार का संचालन करने कंपनी से उनका एग्रीमेंट हुआ था। कंपनी के सारे लेनदेन आन लाइन होते थे। कंपनी का सरवर बंद होने से कारोबार बंद करना पड़ा। विदित हो की शहर में मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी आरसीएम बाजार पिछले सात दिनों से बंद है। आरसीएम बाजार के बंद होने से इस कंपनी से जुड़े लोगों में हड़कंप मची हुई है। कंपनी की मुख्य शाखा राजस्थान के भीलवाड़ा में है जिसके खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस कार्रवाई में उजागर हुआ की कंपनी ने किसी भी सरकारी विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
पुलिस ने कंपनी के बैंक खातों के लेनदेन पर रोक लगवाते हुए मुख्य सरवर और वाहनों को जब्त कर लिया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद कंपनी के डायरेक्टर पूरे परिवार सहित फरार हो गए हैं तथा देशभर में कंपनी के आउटलेट्स में लेनदेन बंद हो गया है। शहर के माहुरबंदपारा स्थित आरसीएम बाजार के आउटलेट में भी ताला लग गया है।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के भीलवाड़ा में वर्ष 2000 से आरसीएम ने काम करना शुरू किया था। जिले में पिछले चार पांच वर्षों में कंपनी ने तेजी से पैर पसारे थे। एक आंकलन के अनुसार जिले भर में आरसीएम से 15 हजार लोग जुड़े हुए है। कांकेर शहर में भी 2000 लोग कंपनी से जुड़े हुए हैं। शहर की अपेक्षा गांव में कंपनी का नेटवर्क ज्यादा फैला हुआ है।
पूरे देशभर में आरसीएम कंपनी का कारोबार बंद होने के बाद कांकेर में भी पुलिस ने कंपनी के स्थानीय कर्ताधर्ताओं से पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने आरसीएम बाजार संचालक बिदेश साहू को आज पूछताछ के लिए थाना बुलाया।
पूछताछ के दौरान साहू ने बताया कि स्थानीय कंपनी का रजिस्ट्रेशन है या नहीं इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। स्थानीय स्तर पर वे जो कारोबार करते थे उसके लिए भी उन्होंने स्वयं के पास टिन नंबर आदि होने से इंकार किया है।
फिलहाल पुलिस ने साहू को कांकेर से बाहर नहीं जाने तथा कंपनी से संबंधित समस्त दस्तावेजों कर एक प्रति पुलिस थाने में जमा कराने के लिए कहा है। पूछताछ के दौरान बिदेश साहू ने बताया कि कंपनी का मुख्यालय राजस्थान के भीलवाड़ा में है तथा कंपनी का पूरा कारोबार वहीं से संचालित होता था।
कंपनी के संस्थापक फरार बताए जा रहे है। कांकेर में आरसीएम बाजार का संचालन करने कंपनी से उनका एग्रीमेंट हुआ था। कंपनी के सारे लेनदेन आन लाइन होते थे। कंपनी का सरवर बंद होने से कारोबार बंद करना पड़ा। विदित हो की शहर में मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी आरसीएम बाजार पिछले सात दिनों से बंद है। आरसीएम बाजार के बंद होने से इस कंपनी से जुड़े लोगों में हड़कंप मची हुई है। कंपनी की मुख्य शाखा राजस्थान के भीलवाड़ा में है जिसके खिलाफ पुलिस ने जांच शुरू की है। पुलिस कार्रवाई में उजागर हुआ की कंपनी ने किसी भी सरकारी विभाग में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है।
पुलिस ने कंपनी के बैंक खातों के लेनदेन पर रोक लगवाते हुए मुख्य सरवर और वाहनों को जब्त कर लिया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद कंपनी के डायरेक्टर पूरे परिवार सहित फरार हो गए हैं तथा देशभर में कंपनी के आउटलेट्स में लेनदेन बंद हो गया है। शहर के माहुरबंदपारा स्थित आरसीएम बाजार के आउटलेट में भी ताला लग गया है।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के भीलवाड़ा में वर्ष 2000 से आरसीएम ने काम करना शुरू किया था। जिले में पिछले चार पांच वर्षों में कंपनी ने तेजी से पैर पसारे थे। एक आंकलन के अनुसार जिले भर में आरसीएम से 15 हजार लोग जुड़े हुए है। कांकेर शहर में भी 2000 लोग कंपनी से जुड़े हुए हैं। शहर की अपेक्षा गांव में कंपनी का नेटवर्क ज्यादा फैला हुआ है।
Source Dainik Bhaskar 19 Dec 2011 Page 16



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