छाबड़ा व नुवाल की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टली
नगर संवाददाता. भीलवाड़ा
जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को तीन चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टरों व कर्मचारियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं आरसीएम व स्टार नेट संचालकों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टल गई। एपीपी वीडी शर्मा के मुताबिक, सर्वोदय के डायरेक्टर अभय जैन, सुशील जैन, एकाउंटेंट सहायक विपिन लौंगड़ व दिनेश बिड़ला व तिरुपति डवलपर्स के महावीर व साजन ज्वैलर्स एंड ट्रेड लिंक के डायरेक्टर रामेश्वर हेड़ा की जमानत के प्रार्थना-पत्र खारिज कर दिए गए। वहीं आरसीएम के डायरेक्टर त्रिलोकचंद छाबड़ा, उसकी बेटी प्रियंका, पुत्र सौरभ, भाई कैलाशचंद्र, प्रकाशचंद्र व भागचंद छाबड़ा की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 20 दिसंबर तथा स्टार नेट कंपनी के डायरेक्टर रामरिछपाल नुवाल, उसके बेटे सुभाष व पौते हर्षिल की अग्रिम जमानत पर 24 दिसंबर को सुनवाई होगी। उधर, लोवर कोर्ट ने स्काई वेज बिजनेस प्रा.लि. के डायरेक्टर विजय अग्रवाल, मैनेजर सुरेंद्र चांदना की जमानत खारिज कर दी। इनकी जमानत का प्रार्थना-पत्र जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया है।
गिरफ्तारी वारंट के लिए प्रार्थना-पत्र पेश
मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी आरसीएम मामले में डायरेक्टर त्रिलोकचंद छाबड़ा, उसकी बेटी प्रियंका, पुत्र सौरभ, भाई कैलाशचन्द्र व भागचंद छाबड़ा के गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने के लिए पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में प्रार्थना-पत्र पेश किया। इस मामले में कोर्ट ने फिलहाल कोई फैसला नहीं दिया है।
Source Dainik Bhashkar 20 DEC 2011 Bhilwara Page No- 16
आरसीएम संचालकों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टली
Tuesday, 20 Dec 2011
भीलवाड़ा। आरसीएम संचालकों की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में लगी अग्रिम जमानत अर्जी पर सोमवार को भी सुनवाई नहीं हुई। पुलिस केस डायरी नहीं मिलने से अब सुनवाई मंगलवार को होगी। उधर, संचालकों का गिरफ्तारी वारंट जारी करवाने के लिए पुलिस ने सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी लगाई।
लोक अभियोजक विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि आरसीएम संचालक त्रिलोकचंद छाबड़ा, कैलाशचंद छाबड़ा, भागचन्द छाबड़ा, सौरभ छाबड़ा तथा प्रियंका छाबड़ा दस दिन से फरार हैं। इनकी ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र लगाया गया है। पुलिस केस डायरी नहीं आने से बहस मंगलवार को होगी।
उधर, न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे सर्वोदय मार्केटिंग कम्पनी, साजन ज्वैलर्स और तिरूपति फाइनेंस डवलपर्स के संचालकों और उनके कर्मचारियों की ओर से भी जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई गई थी, जो खारिज कर दी गई।
कर्मचारियों को जेल भेजा
पुलिस ने आरसीएम के कर्मचारी अरूणप्रकाश श्रीवास्तव, अशोक दीक्षित, विनय मिश्रा तथा राजकुमार माली को रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर यहां न्यायालय में पेश किया गया। चारों की जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया गया।
नगर संवाददाता. भीलवाड़ा
जिला एवं सत्र न्यायालय ने सोमवार को तीन चिटफंड कंपनियों के डायरेक्टरों व कर्मचारियों की जमानत याचिका खारिज कर दी। वहीं आरसीएम व स्टार नेट संचालकों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टल गई। एपीपी वीडी शर्मा के मुताबिक, सर्वोदय के डायरेक्टर अभय जैन, सुशील जैन, एकाउंटेंट सहायक विपिन लौंगड़ व दिनेश बिड़ला व तिरुपति डवलपर्स के महावीर व साजन ज्वैलर्स एंड ट्रेड लिंक के डायरेक्टर रामेश्वर हेड़ा की जमानत के प्रार्थना-पत्र खारिज कर दिए गए। वहीं आरसीएम के डायरेक्टर त्रिलोकचंद छाबड़ा, उसकी बेटी प्रियंका, पुत्र सौरभ, भाई कैलाशचंद्र, प्रकाशचंद्र व भागचंद छाबड़ा की अग्रिम जमानत पर सुनवाई 20 दिसंबर तथा स्टार नेट कंपनी के डायरेक्टर रामरिछपाल नुवाल, उसके बेटे सुभाष व पौते हर्षिल की अग्रिम जमानत पर 24 दिसंबर को सुनवाई होगी। उधर, लोवर कोर्ट ने स्काई वेज बिजनेस प्रा.लि. के डायरेक्टर विजय अग्रवाल, मैनेजर सुरेंद्र चांदना की जमानत खारिज कर दी। इनकी जमानत का प्रार्थना-पत्र जिला एवं सत्र न्यायालय में पेश किया गया है।
गिरफ्तारी वारंट के लिए प्रार्थना-पत्र पेश
मल्टीलेवल मार्केटिंग कंपनी आरसीएम मामले में डायरेक्टर त्रिलोकचंद छाबड़ा, उसकी बेटी प्रियंका, पुत्र सौरभ, भाई कैलाशचन्द्र व भागचंद छाबड़ा के गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने के लिए पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में प्रार्थना-पत्र पेश किया। इस मामले में कोर्ट ने फिलहाल कोई फैसला नहीं दिया है।
Source Dainik Bhashkar 20 DEC 2011 Bhilwara Page No- 16
आरसीएम संचालकों की अग्रिम जमानत पर सुनवाई टली
Tuesday, 20 Dec 2011
भीलवाड़ा। आरसीएम संचालकों की ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में लगी अग्रिम जमानत अर्जी पर सोमवार को भी सुनवाई नहीं हुई। पुलिस केस डायरी नहीं मिलने से अब सुनवाई मंगलवार को होगी। उधर, संचालकों का गिरफ्तारी वारंट जारी करवाने के लिए पुलिस ने सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी लगाई।
लोक अभियोजक विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि आरसीएम संचालक त्रिलोकचंद छाबड़ा, कैलाशचंद छाबड़ा, भागचन्द छाबड़ा, सौरभ छाबड़ा तथा प्रियंका छाबड़ा दस दिन से फरार हैं। इनकी ओर से जिला एवं सत्र न्यायालय में अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र लगाया गया है। पुलिस केस डायरी नहीं आने से बहस मंगलवार को होगी।
उधर, न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे सर्वोदय मार्केटिंग कम्पनी, साजन ज्वैलर्स और तिरूपति फाइनेंस डवलपर्स के संचालकों और उनके कर्मचारियों की ओर से भी जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत की अर्जी लगाई गई थी, जो खारिज कर दी गई।
कर्मचारियों को जेल भेजा
पुलिस ने आरसीएम के कर्मचारी अरूणप्रकाश श्रीवास्तव, अशोक दीक्षित, विनय मिश्रा तथा राजकुमार माली को रिमाण्ड अवधि समाप्त होने पर यहां न्यायालय में पेश किया गया। चारों की जमानत अर्जी खारिज कर जेल भेज दिया गया।



jaldi rcm chalu karo.
ReplyDeleteJAI RCM.samundra manthan se amrit nikla.Dahee manthan se ghee.RCM manthan se 'RCM BUSINESS'aur ho gaya HIT.kyoki sachchae aur immandari ki sada hue hai JEET.DR.R.SHYAM BOKARO JHARKHAND.
ReplyDeleteDesh ki sarkar ho gaye hai lachar.mahgaee aur gareebi ki sabke uper par rahee hai maar.jalde se lauo rcm, iski hai sabko darkar.ishe business ke madhyam se apne desh ki har samashya ka hoga uddhar.
ReplyDeletercm ek suraj hai, jaise suraj rausni ke sat jivan deta hai, rcm bhi logo sampan banane ke sath jivan jina sikhata hai.
ReplyDeletercm ek real mlm business hai.aaj desh ko iski sakth jarurat hai.
ReplyDeleteabhi aur der mat karo kyoki puc mese mal khatm ho gaya hai aur puc bina mal ke chalana muskil ho gaya jaldi se website chalukaro
ReplyDeletercm par lage aarop bebuniyad sabit ho gaye hain.kya karkar desh ke hit(swasth raksha,nav bharat ka nirman,swablamban)mai kam karne bali company aour distributors ko pareshan nahi kar rahi hai.?yadi han to sarkar ki soch par ? nahi lagta kya?
ReplyDeleteagar rcm nahi hota to lagbahag 1 lakha pariwar bhukha mar jata.
ReplyDeleterajasthan government ko khus hona chahiye ki r c m jaisa mahan business unke stat se sanchalit hota hai jis dharti ko pura hindustan salam karta hai sarkar ko apni garima ka khyal khud rakhana hoga . dr jai shankar dubey varanasi
ReplyDeleteSARM AANI CAHIYE RAJASTHAN PRASASAN KO OTHER STATE APNE BANDH FACTORY KO KHULWANE KA PRYAS KAR RAHI AUR EH LOG RUNING FACTORY KO BANDH KARWANE PER LAGE HAIN. SAROJ (KOLKATA)
ReplyDeleteJAI RCM, Rcm se mera ghar chalta hai, rcm meri rozi roti hai,rcm se karodon ghar chalte hai,sarkar ko bhi malum hai rcm legal hai,toh phir kyon? sarkar ko janta ki sahayata karni chahiye ,agar sarkar rcm jald chalu karegi toh, karodon log cm saab ke aabhari rahenge... RAMESH MAGAR HYDERABAD ANDHRA PRADESH.
ReplyDeleteJAI RCM, mera rajasthan ke cm uncle se reqvest hai ki rcm web site jald se jald chalu kar dijeye.karodon log aap ke liye bhagwan se prarthana karenge, aur mein bhi. .. AARTEE MAGAR HYDERABAD ANDHRA PRADESH
ReplyDeleteRCM BUSINESS AUR TILOK CHAND CHHABRA JEE TOO BAHOOT GREAT HAIN ,PAR INKAE LEADERS DISTIBUTORS KO GALAT JANKARI DAE KAE APNA BUSINESS BDATAE HAIN. MERA BUSINESS 10 LAKH EK LEG MAIN . KISI FAMILY PROBLEM KI BAJAH SAE MAIN APNI DOSRI LEG MAIN BUSINESS NHI KAR PAYA TO LEADRES NAE MER ID LOCK KARWA DI KYOKI MAIN KISI OFFICE MAIN JOB KARNAEW LGA THA . ISLIYAE MAINAE RCM ................
ReplyDeleteGOOD NEW GOOD NEW GOOD NEWS !!!!!!! HIGH COURT HAS ORDER RAJASTAHN POLICE THAT THEY CAN NOT ARREST TCJI AND CAN NOT EXECUTE ANY ACTION AGAINST RCM WITHOUT COURT ORDER.....EVERY THING IS GOING TO BE SOLVED.......LETS CELEBTRATE...... KHUSIYAN MANAO.......WOOOOOO
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