प्रतिष्ठा में, वरिष्ठ सम्पादक/एडिटर
लेकिन इस बैठक में भागीदारी निभा रहे केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय की सचिव किरण धींगड़ा और राज्य के मुख्य सचिव सीके मैथ्यू एवं रीको के प्रबंध निदेशक राजेंद्र भाणावत सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारीयों से, देश का एक जिम्मेदार नागरिक होने के नाते यह जानना चाहता हूँ कि- राजस्थान राज्य में पॉवर लूम, हैण्डलूम व हैण्डीक्रॉफ्ट उद्योग को विकसित क
र जहा प्रदेश व देश की जनता को रोजगार का अवसर प्रदान किया जा रहा है, वही दूसरी तरफ वर्तमान में RCM जैसे व्यवसाय के माध्यम से प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के लाखों लोगों को रोजगार देने के अवसर को बंद कर देना कहाँ का न्याय है.? एक बार गंभीरता से विचार करने का विषय है. कि जो ब्यापार पिछले ११ वर्षों से लगातार वस्त्र उद्योग को बढ़ाने का कार्य ही नहीं बल्कि प्रदेश सरकार को प्रति-वर्ष करोड़ों का ‘कर’ देती आई उसे विना किसी सूचना के बंद कर देना क्या न्यायुचित है.?
पिछले लगभग ९ महीनो से यदि RCM चल रहा होता तो अब तक राजस्थान प्रदेश, देश व देश की आम जनता को कितना आर्थिक लाभ होता इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, कि जो RCM सरकार को पिछले एक वर्ष में लगभग 125 करोड़ आय-कर, विक्रय-कर एवं लगाने वाले अन्य कर के रूप में देती आई है.| क्या यह प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ नहीं है..?
इस सिस्टम से पूरे हिंदुस्तान के लगभग १करोड़ ३१लाख लोगो के रोजी-रोटी की मांग के लिए पिछले ११७ दिनों से सैकड़ों की संख्या में जयपुर के उद्योग मैदान में शांतिपूर्ण तरीके से धरना व अनसन पर बैठे है, जो मौसम की मार झेल रहे हैं.|
पिछले लगभग ९ महीनो से यदि RCM चल रहा होता तो अब तक राजस्थान प्रदेश, देश व देश की आम जनता को कितना आर्थिक लाभ होता इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है, कि जो RCM सरकार को पिछले एक वर्ष में लगभग 125 करोड़ आय-कर, विक्रय-कर एवं लगाने वाले अन्य कर के रूप में देती आई है.| क्या यह प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष लाभ नहीं है..?
इस सिस्टम से पूरे हिंदुस्तान के लगभग १करोड़ ३१लाख लोगो के रोजी-रोटी की मांग के लिए पिछले ११७ दिनों से सैकड़ों की संख्या में जयपुर के उद्योग मैदान में शांतिपूर्ण तरीके से धरना व अनसन पर बैठे है, जो मौसम की मार झेल रहे हैं.|
यदि RCM जैसे सिस्टम को चलाने में कोई भी कानूनी अड़चन आ रही तो, उस कानून में देश व देश की आम जनता के हित को ध्यान में रख कर संसोधन किया जाना चाहिए.| और यदि MLM पर कोई कानून नहीं है तो आप सभी जिम्मेदार राजनीतिज्ञों एवं अधिकारीयों से अनुरोध है कि,- जल्द से जल्द प्रदेश सरकार गाइड-लाइन दे.| भारत सरकार इस इंडस्ट्री को सम्पूर्ण भारत में सुचारू रूप से चलाने के लिए कानून बनाए जिस कानून के माध्यम से देश की नीरीह जनता का शोषण होने से बचाया जा सके.|
जय हिंद.! जय भारत.!
आर.सी.एम्. मिडिया,
अवधेश कुमार सिंह
वाराणसी



jabrjast ,
ReplyDeletewaah sir kya maara hai aapne i 2 cool ,
in sab rajnetao ko kewal dikhave ka kaam karna aata hai.actuly me realty par to inke paas karne ko jaise kuchh hota hi nahi .besharm rajneta ek taraf to waade karte hai ki wo bharat ke berojgaro ko rojgaar denge aur dusri taraf unhi rojgaro ko apni gandi aur lalchi pravitti ko pura karne ke liye berojgar bana dete hai ye bhi nahi sochte ki iss karya se bharat aur unke rajy ka kitna kar(tax)nuksaan hoga .ye usi daal ko kaat rahe hai jis daal par khare hai.