है शौक यही , अरमान यही,
हम कुछ करके दिखलायेंगे I
मरने वाली दुनिया में हम ,
'अमरों' में नाम लिखाएंगे I
जो लोग गरीब भिखारी हैं ,
जिन पर न किसी की छाया है I
हम उनको गले लगायेंगे ,
हम उनको सुखी बनायेंगे I
जो लोग अँधेरे घर में हैं ,
अपनी ही नहीं नज़र में हैं I
हम उनके कोने- कोने में ,
उद्यम का दीप जलाएंगे I
जो लोग हार कर बैठे हैं ,
उम्मीद मार कर बैठे हैं I
हम उनके बुझे दिमागों में ,
फिर से उत्साह जगायेंगे I
रोको मत आगे बढ़ने दो ,
"आरसीऍम" के दीवाने हैं I
हम मात्रभूमि की सेवा में ,
अपना सर्वस्व लगायेंगे I
द्वारा -आर सी ऍम पि यु सी सेक्टर -६ भिलाई & RAJESH AGRAWAL
हम कुछ करके दिखलायेंगे I
मरने वाली दुनिया में हम ,
'अमरों' में नाम लिखाएंगे I
जो लोग गरीब भिखारी हैं ,
जिन पर न किसी की छाया है I
हम उनको गले लगायेंगे ,
हम उनको सुखी बनायेंगे I
जो लोग अँधेरे घर में हैं ,
अपनी ही नहीं नज़र में हैं I
हम उनके कोने- कोने में ,
उद्यम का दीप जलाएंगे I
जो लोग हार कर बैठे हैं ,
उम्मीद मार कर बैठे हैं I
हम उनके बुझे दिमागों में ,
फिर से उत्साह जगायेंगे I
रोको मत आगे बढ़ने दो ,
"आरसीऍम" के दीवाने हैं I
हम मात्रभूमि की सेवा में ,
अपना सर्वस्व लगायेंगे I
द्वारा -आर सी ऍम पि यु सी सेक्टर -६ भिलाई & RAJESH AGRAWAL



very good sir ham bhi aap ke saath hai
ReplyDeleteshawkat ali khan
kolkata