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RCMSTARS TEAM EXPLANATION ----
इसमें माचिस की तीली का कोई दोष नहीं हैं वो तो अपना काम ही करती हैं ये हमारे स्व विवेक पर निर्भर करता हैं की हम इसका कैसे इस्तेमाल करते हैं |
गुण और दोष भी सबमे होता हैं ये हम पर निर्भर करता हैं की हम उनके गुणों को देखकर उससे दोस्ती करते हैं और उसके गुणों को अपने में उतारते हैं या उसके दोषों का ढिंढोरा पुरे समाज में पिटते चलते हैं | (जिसे बताना हैं उसे छोर कर पुरे समाज को बता दिया)
आइये एक कहानी के माध्यम से आपको पूरी जानकारी देते हैं |
अपने आप को बदलो
बुद्ध का एक शिष्य था जो हर हमेशा दूसरों की बुराईयाँ निकालता रहता था.
एक दिन बुद्ध ने उसे बुलाया और कहा कि बाहर जाकर कुछ फल ले आए.
बाहर बरसात हो रही थी, और सर्वत्र कीचड़ था.
शिष्य ने कीचड़ से बचने के लिए पादुका पहनी और जाने लगा.
बुद्ध ने शिष्य से पूछा - तुमने पादुका क्यों पहनी?
कीचड़ से बचने - शिष्य ने कहा.
कीचड़ से बचने के लिए तुम सिर्फ अपने ही पैर में पादुका क्यों पहनते हो?
तुम पूरी धरती के ऊपर चटाई क्यों नहीं बिछा देते हो?
दूसरों में बुराइयाँ देखने के बजाए स्वयं को खंगालें, और दूसरों को बदलने के बजाए स्वयं बदलें




bilkul sahi hai aaj yahiho raha hai mai isse puri tarah se sahmat hu
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