रोजी-रोटी बचाने शहर में जुटे आरसीएम वितरक
रोजी-रोटी बचाने शहर में जुटे आरसीएम वितरक |
| जयपुरत्न आरसीएम बंद होने से बेरोजगार हुए वितरक रोजी-रोटी बचाने उद्योग मैदान में जुटने लगे हैं। सोमवार को यहां असम, बिहार, झारखंड सहित कई राज्यों के आरसीएम वितरक भी पहुंचे। उन्होंने राज्य सरकार से आरसीएम को जल्द शुरू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आरसीएम की जांच करनी है तो इसे चालू रखते हुए भी की जा सकती है, ताकि उनका रोजगार न छिने। राजस्थान आरसीएम उपभोक्ता एवं वितरक कल्याण समिति की ओर से चल रहे धरने का सोमवार को छठा दिन था। समिति के प्रवक्ता कदमसिंह, अवधेश कुमार, मुकेश कोठारी व गोपाल कौशिक ने कहा कि आरसीएम का पूरा नेटवर्क कंपनी के सर्वर से चलता था। बिना बिल कंपनी एक रुपए का भी लेन-देन नहीं करती थी। पुलिस ने सर्वर डाउन कर कारोबार को चौपट कर दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी के 700 से अधिक उत्पाद थे। जिनकी बिक्री देशभर में 4500 सेंटर पर होती थी। कंपनी के सवा करोड़ से ज्यादा उपभोक्ता है। कंपनी की फैक्ट्रियों, कार्यालयों और डिपो में 10 हजार से अधिक स्टाफ था। इनके वेतन का 5 महीने कोई अता-पता नहीं है। कंपनी बंद होने से 10 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। उन्होंने बताया कि 5 मई को बालाघाट (मध्य प्रदेश) में तो एक व्यक्ति ने बेरोजगारी से तंग आकर खुदकुशी तक कर ली। उन्होंने कहा कि वे सीएम से मिलकर कंपनी को फिर से चालू करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आमरण अनशन की चेतावनी दी है। SOURCE - DAINIK BHASHKAR 15 MAY 2012 |



No comments:
Post a Comment
अपने विचार/सुझाव कमेन्ट में लिख कर हमें उनसे अवगत कराये - RCMSTARS